पंडो समारोह
छट्टि
छट्टी उके कहिन जब कोनो नरकी चाहे नेरका जनमन, अउ नेरका निकर बोडरी झर जान, ओकर दस दिन चाहे, पन्दरा दिन केर पाछु नेरका केर छटटी करीन। ई लानजा के बलाए केन नेरका केर केंस के पुडवाए देहीन अउ नेरका के नउहाए खाज लोहारीन के बलइन। ऊ नेरका केर देख रेख करन उहे दिन धोबा निके औ बलइन। तेकर गांव भर केर एक-एक ठो फरिया के घोवाइन उहे दिन पुरा गांव खाज भात साग राधीन अउ खवइ पिअई चलन।
मिरतु
दफन
जब गांव हेन कोनो अदमी मर जान, त उके माटी देहे केर खाज जेतरा ओकर सागा कुठुम रहिन,उ सब निके बलाइन। जब सब झन जुट जाइन, तेकर मुरदा के, खाटी के उलटा करी केन, ऊ ठन सुताए देहिन। तेकर माटी देहे ने जाइन, जिनहा ओनकर पुरखा निकर मरघटी रहन। उनहा उके गढे खाज ढोडगा कोडिन। ऊ ढोडगा एक पुरसा रहन। मुरदा के गाढे केर आघु, ओनकर घर हेन जे नेरका रहीन ऊ निके मुरदा केर ई पार ने उ पार तीन धार नकइन। अउ गाढे केर आघू मुरदा केर गोढ, अंगठी अउ हाथ केर अगंठी ठोरीन। तेकर पाछु उके ढोडगा होन टोएप देहीन। माटी देहे केर पाछु सवांग नेन भिनगे अउ सवांघीन भिनगे सनान करेक जइन।
दस करम
तेकर तीन केर पाछु फेन सब सगा नेन जुटीन। उहो दिन ओ सवांग संवाधीन भिनने सनान करेक जइन। उहे दिन सब झन जुटे केर पाछु आपन रिवाज के अनुसार पुजा करेक सुरु करीन। ओनकर घर केर आंगन ने नेके घर केर कोनहा तक आंटा के बगराए देहिन तेकर पुजा करेक सुरू करीन गांव केर मुखिया नेन अउ घर केर मुखिया पुजा करन। तेकर ऊ मुंआ के घर केर भीतर ने जइन तेकर रात भार खाज घर केर दुरा के डाएक देहिन जिनहा कोनो नही ढुकत जिनहा पता लगन कि ऊ मुंआ घर ने निकलन दुकन। अउ दिन उहे बिसर खाईन। जब तक बिसर नही खात तब तक कोनो तेल हरदी ने राधन साग के कोनो नही खात।
लाठी खोचई
लाठी खोचई ऊ घनी करीन जे घनी कोनो नेवडा खाज घरदारीन बनाए खाज नेवडी देखेक नेवडा मांहा केर सजन सियान नेन नेवडी केर घरे हाथ मागेक जइन। ऊ घनी ऊ आपन संगे एकठो लाठी के ओ ने जाइन। अउ नेवड़ी केर घर केर छानी हेन खोएच देहिन। अउ ऊ राती ओन उहा बितइन। अगर ऊ राती उके जंगल महां ने कोनो चिन मिलन त ऊ बिहा पक्का होए जान। ई चिन ने ई पता चलन की ऊ नेवडी टिकईया होइबीस।
फलदान
जब लड़की और उसके तरफ के सब लोग मान जाते हैं, तो लड़का और उसके तरफ के सब लोग लड़की के घर गुड चिवड़ा ले जाते हैं और सब लोंग मिलकर के, जो जो रिवाज रहता है उसे करते हैं। जब लड़की के घर से सब जन आते है, तब वे लड़की के लिए श्रिंगार का सब समान को ने आते है। अउ उसी दिन जब लड़की के घर से यह सब चिज जब लाते है, तब लड़की उसको पहते है। अउ उस दिन सब के लिए खाने पिने का व्यव्स्ता करते है।
गठरी
जब नेवडा अउ नेवडी मांहा सब रिवाज होए जान, तब बिहा करे खाज सियान नेने दिन दुरा धरे जाइन। ओन ई कहिन कि कोन दिन तेल मंडवा होइबीस। अउ कोन दिन बरात अइबो अउ ओकर पाछु बिहा सुरु होन |
बिहा
जिसक बिहा सुरु होए जान पहला दिन नेवडा या नेवडी ऊ घनी दिन भर उपास रहिन। अउ ओनकर संगे ओनकर भोजी नेन ओ रहिन। जिसक सांझ होए जान ओनकर घर केर अउ गांव केर सब झन जुटी केन ओनकर देव धामी निके पुजा करी केन तेन पिअइन। तेन पियाक पाछु ओनकर उपास के टोरीन अउ कांही जाएत खइन। तेकर दुसर दिन मड़व होन। उहे दिन गांव केर नेवडा नेन पहार हेन मड़वा काटे जइन अउ आनी केन घर ठन टड़काए देहिन। तेकर गांव केर बइगा पुजा करी केन पुरा करन। तेकर पाछु नेवड़ा नेन उके अंगन हेन गढीन। तेकर नाचा नाना ख वई पिवई चलन। तेकर तीसर दिन बारत जइन बारत ने फिरी केन नेवडा नेवडी के भांवर किनदारी।